IoT and WoT in hindi

WoT in Hindi

WoT का पूरा नाम Web of Things (वेब ऑफ़ थिंग्स) है. यह internet of things (IoT) का एक web standard है जिसका प्रयोग smart things और web पर आधारित applications के मध्य communication के लिए किया जाता है.

दूसरे शब्दों में कहें तो, “WoT एक standards का समूह है जिसका प्रयोग अलग-अलग IoT platforms और applications की interoperability issues को solve करने के लिए किया जाता है.”

WoT एक कंप्यूटिंग कांसेप्ट है जो एक ऐसे future को describe (वर्णित) करता है जहाँ रोज use होने वाली चीजें web से पूरी तरह से जुडी रहती है.

WoT के द्वारा IoT Apps को develop करना बहुत ही आसान (easy), तेज़ (fast) और कम खर्चीला (less expensive) होता है. यह IoT का एक महत्वपूर्ण milestone (मील का पत्थर) है.

Web of Things का मुख्य मकसद IoT की usability और interoperability को बेहतर बनाना है.

उदाहरण के लिए– Mozilla WebThing gateway एक smart IoT gateway है जिसका उपयोग smart devices को integrate करने के लिए किया जाता है और यह web पर devices को monitor और control करने के लिए एक web interface भी प्रदान करता है.

WoT Building Blocks (Architecture)

WoT building blocks सिस्टम को implement करने का एक तरीका प्रदान करते हैं जो WoT architecture के अनुरूप होता है। ये building blocks निम्नलिखित हैं:-

  • WoT Thing Description (TD)
  • WoT Binding Templates
  • WoT Scripting API
  • WoT Security and Privacy Guidelines

WoT Thing Description (TD)

यह building blocks का सबसे मुख्य component है. Thing Description एक virtual या एक physical device के बारें में बताता है.

यह things के metadata और network-facing interface का वर्णन करने के लिए एक machine-readable data format प्रदान करता है। TD को एक Thing के लिए मुख्य entry point माना जा सकता है.

WoT Binding Templates

IoT बहुत सारें protocols का प्रयोग things के साथ interact करने के लिए करता है इसलिए WoT की मुख्य चुनौती इन protocols को handle करना होता है. इस समस्या से निपटने के लिए Binding templates का प्रयोग किया जाता है.

WoT Scripting API

यह web of things का एक वैकल्पिक building block है. यह ECMAScript प्रदान करता है जिसके कारण IoT application को विकसित करना बहुत ही आसान हो जाता है.

Scripting API जो है वह IoT systems की heterogeneity (विविधता) की बड़ी problem को solve करता है. इसके द्वारा हम reusable scripts को create कर सकते हैं.

WoT Security and Privacy Guidelines

WoT architecture में, सुरक्षा बहुत ही जरुरी है. इस building block में security और privacy की guidelines सम्मिलित रहती है.

web of things (WoT) in IoT in Hindi

Difference between IoT and WoT in Hindi

IoT WoT
इसका पूरा नाम internet of things है. इसका पूरा नाम web of things है.
यह things का एक network है. इसके अंतर्गत वह सब चीजें आ जाती है जिन्हें internet से connect किया जा सकता है. यह एक web network है जिसका प्रयोग IoT platforms और applications को अच्छे ढंग से handle करने के लिए किया जाता है.
IoT एक hardware layer है जो हर चीज को इंटरनेट से जोड़ती है। WoT एक software layer है जो हर चीज को web से जोडती है.
यह sensors, actuators, computation और communication interface के साथ कार्य करता है. यह protocols और web servers के साथ कार्य करता है.
इसमें प्रत्येक IoT devices के लिए एक अलग protocol होता है. इसके द्वारा बहुत सारें IoT devices केवल एक protocol का use कर सकते हैं.
बहुत सारें protocols के कारण IoT platforms को program कर पाना बहुत मुश्किल होता है. इसमें protocol को एक common APIs के द्वारा handle किया जाता है इसलिए WoT programing सरल होती है.
IoT standards और prototypes जो है वे public नहीं होते है. WoT सभी लोगों के लिए free है और इसे कहीं से भी तथा किसी भी समय access किया जा सकता है.
यह applications और networks के बीच tightly coupled है. यह application layer में loosely coupled है.

source

Physical design of IoT in hindi

Physical Design of IoT in Hindi

IoT के physical design के अंतर्गत दो चीजें आती है जो कि निम्नलिखित हैं:-

  1. Things

  2. IoT Protocols

Things –

IoT में Things को IoT devices कहा जाता है और प्रत्येक device की एक unique identity (अलग पहचान) होती है. इन devices का कार्य remote sensing, actuating, और monitor करना आदि होता है.

IoT devices बहुत प्रकार की होती हैं जैसे कि – sense करने वाली डिवाइस, smart watch (स्मार्ट घडी), smart electronic appliances (स्मार्ट इलेक्ट्रॉनिक उपकरण), wearable sensors (पहनने योग्य सेंसर), automobiles, और industrial machine (औद्योगिक मशीन).

ये devices डाटा को जनरेट करती हैं और उसके बाद इस data को data analytics system के द्वारा उपयोगी information में बदल दिया जाता है.

उदाहरण के लिए – temperature को मापने वाली device एक IoT device है. यह मौसम और जगह के आधार पर तापमान को मापती है.

IoT device निम्नलिखित कार्य कर सकती है:-

  • यह दूसरी connect हुई devices के साथ data को ट्रान्सफर करता है.
  • यह दूसरी devices से data को collect करता है और data को locally प्रोसेस करता है.
  • ये data को process करने के लिए centralized servers या cloud पर आधारित applications को भी send कर सकता है.

नीचे चित्र में, IoT devices का एक block diagram दिया गया है.

iot devices block diagram in hindi

एक IoT device में दूसरे devices से connect करने के लिए बहुत सारें interfaces होते हैं. इसमें wired और wireless दोनों प्रकार के interfaces होते हैं:-

  • sensors के लिए I/O interface.
  • internet connectivity के लिए interface.
  • memory और storage interface.
  • audio/video interfaces.

IoT Protocols –

IoT protocols की मदद से ही internet में IoT devices और cloud पर आधारित servers के मध्य communication हो पाता है. नीचे आपको इसका चित्र दिया गया है जिसमें सभी IoT protocols दिखाए गये हैं:-

IoT protocols in hindi

Link Layer (लिंक लेयर) –

यह layer यह निर्धारित करती है कि network में data को physically कैसे भेजा जाता है. यह लेयर यह भी निर्धारित करती है कि हार्डवेयर डिवाइस के द्वारा packets को कैसे code और signal किया जाता है. इसके अंतर्गत निम्नलिखित protocols का प्रयोग किया जाता है:-

Network Layer (नेटवर्क लेयर) –

यह लेयर source network से destination network तक IP datagrams को भेजने के लिए जिम्मेदार रहती है. इस लेयर का कार्य host addressing और packet routing का होता है. हम IPv4 और IPv6 का प्रयोग host को identify करने के लिए करते हैं. इसमें प्रयोग किये जाने वाले protocols निम्नलिखित हैं:-

  • IPv4
  • IPv6
  • 6LoWPAN

Transport Layer (ट्रांसपोर्ट लेयर) –

इस लेयर का कार्य error control, segmentation, flow control और congestion control का होता है. इस layer के अंदर निम्नलिखित protocols शामिल रहते हैं:-

Application Layer (एप्लीकेशन लेयर) –

यह लेयर user को कम्युनिकेशन उपलब्ध कराती है; जैसे:- वेब ब्राउज़र, ई-मेल, तथा अन्य applications के द्वारा। इस layer में निम्नलिखित protocols प्रयोग किये जाते हैं.

    • HTTPS
    • CoAP
    • WebSocket
    • MQTT
    • XMPP
    • DDS
    • AMQP

Introduction to IoT ( I0T का परिचय )

I0T का परिचय (Introduction to loT)

इंटरनेट ऑफ थिंग्स (IoT) भौतिक वस्तुओं या लोगों का एक नेटवर्क है जिसे “things” कहा जाता है जो सॉफ्टवेयर, इलेक्ट्रॉनिक्स, नेटवर्क और सेंसर के साथ एम्बेडेड होते हैं, जो इन वस्तुओं को डेटा एकत्र करने और आदान-प्रदान करने की अनुमति देता है। IoT का लक्ष्य कम्प्यूटर, मोबाइल, टैबलेट जैसे मानक उपकरणों से इंटरनेट कनेक्टिविटी का विस्तार करना है, अपेक्षाकृत टोस्टर जैसे अपेक्षाकृत बिना आवाज वाले उपकरणों के लिए।
IT डेटा संग्रह, एआई एल्गोरिथ्म (Alalgorithm) और नेटवर्क की शक्ति के साथ हमारे जीवन के पहलओ में । सधार करके लगभग सब कुछ स्मार्ट बनाता है। IoT में चीज एक डायबिटीज मॉनिटर इम्प्लांट रखने वाला व्यक्ति भी हो सकता है, आदि

 

IoT का इतिहास (History of IoT) •

1970 कनेक्टड उपकरणों का वास्तविक विचार प्रस्तावित किया गया था।
1990-जॉन रोमको ने एक टोस्टर बनाया, जिसे इंटरनेट पर चालू बंद किया जा सकता था।

1995-सीमेंस ने MDM के लिए निर्मित पहला सेलुलर मॉड्यूल (cellular module) पेश किया।

1999-‘इंटरनेट ऑफ थिंग्स’ (Internet of Things) शब्द का उपयोग केविन एश्टन द्वारा अपने काम के दौरान
किया गया था। जिसे व्यापक रूप से स्वीकार किया गया।

• 2004-इस शब्द का उल्लेख प्रसिद्ध प्रकाशनों जैसे गार्जियन, बोस्टन ग्लोब और साइंटिफिक अमेरिकन में किया
गया।

• 2005-यूएन के अंतर्राष्ट्रीय दूरसंचार संघ (आईटीयू) ने इस विषय पर अपनी पहली रिपोर्ट प्रकाशित की।

• 2008-इंटरनेट ऑफ थिग्स (Internet of Things) का जन्म हुआ।

• 2011-मार्केट रिसर्च कंपनी, गार्टनर ने अपने शोध में इंटरनेट ऑफ थिंग्स’ तकनीक को शामिल किया।

loT कैसे कार्य करता है? (How loT Works?)

संपूर्ण IoT प्रक्रिया स्मार्टफोन, स्मार्टवॉच, इलेक्ट्रॉनिक उपकरण जैसे टीवी, वशिंग मशीन जैसे उपकरणों से शुरू होती है जो आपको IoT प्लेटफॉर्म के साथ संवाद करने में मदद करती है।